January 23, 2020

ऑनलाइन शॉपिंग और इसके परिवेश पर असर (online shopping and it’s environmental impacts)

शॉपिंग करना आज इतना सुविधा जनक हो गया है कि बस घर बैठे एक एप खोलो , ऑर्डर करो और बस कुछ घंटों में वो आपके घर के बाहर होता है। लोग कपड़ो से लेकर मोबाइल, फ़ोन चार्जर, वाशिंग मशीन इत्यादि सब घर बैठे ऑर्डर कर रहे है। सामान का फ्री डिलीवरी होने से लोग बेजिझक शॉपिंग कर रहे है। हर दूसरे फेस्टिवल/त्यौहार में ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट में ऑफर लगते है जो लोगों को ज्यादा से ज्यादा खरीदने के लिए प्रेरित करते है। हमें लगता है कि बहुत लोग गाड़ियों में जाकर शॉपिंग करने से अच्छा है, एक ही गाड़ी, जो सभी के घरों तक सामान पहुंचा दे। लेकिन इसे समझना इतना आसान नहीं है।

इससे परिवेश पर क्या असर पड़ता है ?

ऑनलाइन आर्डर किया गया सामान वापस किया गया या फिर उसे डिलीवरी करने का अधिक बार प्रयाश किया गया तो उसका कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprint) बढ़ जाता है। ऐसा देखा गया है कि तीन में से एक ऑर्डर वापस कर दिया जाता है।

ऑनलाईन शॉपिंग के चलते बहुत मात्रा में पैकेजिंग वेस्ट (packaging waste) पैदा होता है क्यूंकि हर एक छोटी सी छोटी चीज़ों को ऑनलाइन कंपनियों द्वारा अच्छे से पैक करके भेजा जाता है। इसे रीसायकल करना एक बड़ा बोझ है। सिर्फ एक ही सामान पहुंचाने के लिए फ्लाइट , ट्रैन और मोटरसाइकिल जैसे वाहनों द्वारा हुआ वायु प्रदुषण भी परिवेश पर बुरा असर डालता है। डिलीवरी के लिए उपयोग हो रहे वाहनों के चलते ट्रैफिक जैम भी एक समस्या है। जब से घर बैठे शॉपिंग करने का चलन बढ़ा है तब से यात्रा समय में देरी और वाहनों द्वारा प्रदुषण में भी बढ़ाव देखा गया है। स्टडीज में देखा गया है कि ऑनलाइन शॉपिंग करने से वाहनों द्वारा तय की गयी दूरी घटी नहीं बल्कि बढ़ी है। इससे पता चलता है कि ऑनलाइन शॉपिंग करने से लोगों के पास जो टाइम बचता है उसे लोग बाहर रेस्टोरेंट्स में खाने जाने , फिल्म देखने और अपने दोस्तों से मिलने में जाया करते है।

पैकजिंग वेस्ट का रीसायकल

ऑनलाइन शॉपिंग के लिए उपयोग हो रहा ट्रांसपोर्ट ही सिर्फ समस्या नहीं है। सुविधा होने के कारण हम पहले से ज्यादा भी खरीद रहे है। पहले हमारे शहरों के हिसाब से हमारे पास चीज़ें खरीदने के लिए लिमिटेड मार्किट होते थे। लेकिन आज हम दुनिया के कहीं से कुछ भी मंगा सकते है और हम बेजिझक मंगा रहे है।

समस्या का हल क्या है

इलेक्ट्रिक और जीरो – एमिशन वाहन इस समस्या का, प्रदुषण मुक्त ऑनलाइन शॉपिंग की ओर, एक हल हो सकता है। अच्छी बात यह है कि इस टेक्नोलॉजी के लिए हमें और इंतजार करने कि जरुरत नहीं। ऐसे जीरो एमिशन वाहन आ चुके है जो 100 से 200 किलोमीटर्स एक बार में चल जाते है। और देखा जाये तो ऑनलाइन शॉपिंग डिलीवरी के लिए वाहन एक दिन में 200 किलोमीटर्स से ज्यादा तय नहीं करती। इसके अलावा इस प्रकार के वाहनों के साथ इंधन और मेंटेनेंस (maintenance) में भी बचत होती है।

प्रदुषण जैसे बड़ी समस्या का हल होने के बाद ट्रैफिक, पार्किंग और शोर शराबा से परेशानी अभी भी बनी हुई है। भविष्य में इन सभी से निपटने के लिए ड्रोन और रोबोट का प्रयोग किया जाने का परिक्षण चल रहा है। कुछ लोग ऐसा भी सुझाव दे रहे हैं की शहर में एक सेंट्रल डिलीवरी पॉइंट (central delivery point) होना चाहिए जहाँ से लोग अपना सामान उठा लिया करेंगे।

भविष्य में ड्रोन से घरों तक डिलीवरी किया जायेगा

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